Manipur Violence latest News


 मणिपुर में हो रही हिंसा भारत के लिए फायदेमंद है।

कैसे?

इस महत्वपूर्ण पोस्ट को पढ़िए।
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कृपया पूरा अवश्य ही पढ़िये

मणिपुर का सच
कालाय तस्मै नमः

हर तरफ हल्ला है.. मणिपुर जल रहा है.

लेकिन सच क्या??

सच यह है कि विद्यमान भाजपा सरकार ने मणिपुर में अफीम का धंधा ख़त्म कर दिया है। सरकार ने पिछले ५ साल में १८,००० एकड से ज्यादा इलाके में अफीम के खेत नष्ट कर दिए है।

जिन्हे नुकसान हुआ, उन्होंने इसे कुकी और मैति के बीच जनजातीय संघर्ष बना दिया.... शुरू में आम आदमी मारा जा रहा था... सब चुप थे

फिर सेना ज़मीन पर उतरी.. आतंकवादी मारे गए.... चीन को धक्का लगा, विपक्षी भांड लोकतंत्र की दुहाई देने लगे।

वहाँ ढेरों मंदिर और स्थानीय निवासियों के पूजा स्थल जलाये गए.... सब चुप रहे.

तुरंत सोनिया गांधी का वीडियो आ गया.??

मणिपुर हिंसा पर क्यों दुखी है सोनिया, उद्धव, ममता,  केजरीवाल अखिलेश यादव?

भोपाल में हिंदू युवक को गले में कुत्ता डालकर कुत्ता बना कर घुमाने वाली घटना पर दुखी नहीं है।

मणिपुर हिंसा पर क्यों दुखी है विपक्षी दल इसका एक स्पष्ट कारण जान लीजिए।

मणिपुर के मूल निवासी है मैती आदिवासी।

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स्वतंत्रता के पहले मणिपुर के राजाओं के बीच में आपस में जमकर युद्ध होते थे, अनेक कमजोर मैती राजाओं ने युद्ध में अपनी सेना में पड़ोसी देश म्यांमार से बड़ी संख्या में कुकी और रोहिंग्या हमलावरों को  भारत में बुलाया और विदेशी रोहिंग्या तथा कुकी से मिलकर आपस में युद्ध किया।

धीरे-धीरे कुकी हमलावरों ने मणिपुर में अपना निवास बनाना शुरू करें और परिवार बढ़ाना शुरू किया। देखते ही देखते कुकी जनसंख्या तेजी से बढ़ने लगी। बेहद आक्रामक और हमलावर कुकियो ने मणिपुर की ऊंची ऊंची पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया। और मैती आदिवासियों को वहां से भगा दिया। मैती आदिवासी भागकर मणिपुर के मैदानी इलाकों में आकर रहने लगे।

विदेशी कुकी और रोहिंग्या ने मणिपुर की ऊंची पहाड़ियों पर अफीम की खेती आरंभ कर दी। मणिपुर की सीमा चीन और म्यांमार से लगी है चीन ने मणिपुर पर नजरें डालना शुरू किया और भारत विरोधी दलों को सहायता देना शुरू किया, पाकिस्तान ने भी म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिमों के माध्यम से मणिपुर में घुसपैठ शुरू कर दी और बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिमों को धकेल दिया गया।

लेकिन सबसे बड़ा षड्यंत्र रचा क्रिश्चियन मिशनरीज ने। मिशनरी ने मणिपुर के पिछड़े आदिवासी क्षेत्रों में २,००० से अधिक चर्च बनाए और क्रिश्चियन मिशनरीज ने बेहद तेजी से धर्म परिवर्तन शुरू कर दिया। जिसमें सबसे ज्यादा मैती आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कर क्रिश्चन बना दिया गया।

मणिपुर में निरंतर हिस्सा हो रही थी वर्ष १९८१ में भीषण हिंसा हुई इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी। १०,००० से अधिक मैती आदिवासी मारे गए, उसके बाद इंदिरा गांधी जाग गई और सेना को भेजा गया तथा शांति करवाई गई। शांति समझौते में मैती मैदान में रहेंगे और कुकी ऊपर पहाड़ियों पर रहेंगे ऐसा निर्णय हुआ इस कारण शांति बनी।

जिसमें मूल निवासी मैती का बहुत नुकसान हो गया। धीरे-धीरे कुकी, रोहिंग्या और नगा समाजों ने मणिपुर की ऊंची पहाड़ियों पर अफीम की बेशुमार खेती शुरू कर दी। हजारों खेत में अफीम की खेती शुरू हो गई, खरबों रुपए का व्यापार होने लगा इस कारण नशीले पदार्थ का माफिया और आतंकवादी संगठन सक्रिय हो गए तथा जमकर हथियारों की आपूर्ति कर दी गई।

वर्ष 2008 में फिर जोरदार गृह युद्ध शुरू हो गया तब सोनिया गांधी के निर्देश पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने कुकी तथा परिवर्तित क्रिश्चन ओं के साथ मिलकर मताई आदिवासियों के साथ समझौता किया और मणिपुर की ऊंची पहाड़ियों पर अफीम की खेती को अधिकृत मान्यता देकर पुलिस कार्रवाई ना करने का आश्वासन दिया। इसके बाद मणिपुर से पूरे भारत देश में तेजी से नशीले पदार्थों को भेजा जाने लगा। मणिपुर नशीले पदार्थों का गोल्डन ट्रायंगल बन गया चीन अफगानिस्तान पाकिस्तान और म्यांमार से तेजी से आर्थिक मदद कर मणिपुर से उगाई गई अफीम को भारत के अन्य राज्यों में भेजकर पंजाब आदि राज्यों को नशीले बनाना शुरू कर दिया।

लेकिन केंद्र में वर्ष २०१४ में सरकार बदली

केंद्र सरकार की नजरें पूरे भारत पर थी जहां जहां धर्म परिवर्तन हो रहे थे जहां पर हिंदू खतरे में दिखाई दे रहे थे, जो राज्य भारत से अलग होने की फिराक में हो रहे थे, केंद्र सरकार ने उन राज्यों को पहचान कर वह धीरे-धीरे कार्रवाई शुरू कर दी। असम नागालैंड मणिपुर अरुणाचल प्रदेश केरल कर्नाटक उत्तर प्रदेश जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु में केंद्र सरकार ने गोपनीय तरीके से काम करना शुरू किया।


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जम्मू कश्मीर और असम में सफलता मिल ग वर्ष २०२३ के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पहली बार मणिपुर में सफलता मिली और कांग्रेस से बीजेपी में आए वीरेंद्र सिंह को भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री बना दिया। मैती समाज के मुख्यमंत्री वीरेंद्र सिंह ३० वर्षों से मणिपुर में राजनीति कर रहे हैं और उन्हें मणिपुर की मूल समस्या मालूम थी। वीरेंद्र सिंह खुद ही मेती समाज से आते हैं जो कि आदिवासी संकट को जानते थे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने वीरेंद्र सिंह को अफीम की खेती नष्ट करने के निर्देश दिए जिसके बाद मुख्यमंत्री वीरेंद्र सिंह ने अफीम की खेती पर हमला बोल दिया और हजारों एकड़ खेती में लगे अफीम के पौधों को नष्ट कर दिया इससे कुकी और क्रिश्चियन मिशनरी, रोहिंग्या के साथ में चीन तथा पाकिस्तान में खलबली मच गई। वे किसी तरह मणिपुर में दोबारा अफीम की खेती आरंभ करना चाहते हैं।

आजादी के पहले से ही मेती समाज को आदिवासी समाज का दर्जा हासिल था और वह एसटी वर्ग में आते थे। लेकिन आजादी के बाद, चीन की चमची तत्कालीन केंद्र सरकार ने मेती समाज से एसटी वर्ग से निकाल लिया और क्रिश्चियन मिशनरी तथा कुकी समुदाय को एसटी बना दिया। इस बात से मैती नाराज हो गए और निरंतर आक्रोश प्रदर्शन करने लगे। जिस कारण बार-बार मणिपुर में हिंसा हो रही थी। मैती समाज ने वर्ष २०१० में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर एसटी वर्ग में शामिल करने की मांग की। वर्ष २०२३ में हाईकोर्ट ने मैती समाज के दावे को मंजूर किया और मैती समाज को दुबारा आदिवासी वर्ग में शामिल करने के आदेश जारी किए। चूंकि क्रिश्चियन और कुकी हमलावर अफीम की खेती बंद करने से तथा मिशनरीज के धर्म प्रसार को रोके जाने से नाराज थे, उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का पूरा फायदा उठाया और मणिपुर में आग लगा दी।

आज मणिपुर जो हिंसा दिखाई दे रही है वह भारत के लिए लाभदायक की है क्योंकि मेती समाज ने क्रिश्चियन मिशनरीज के लगभग ३०० चर्च तोड़कर नष्ट कर दिए, क्रिश्चियन मिशनरी पर हमले हो रहे, कुकियो को भगाया जा रहा है आज जो कुछ भी मणिपुर में हो रहा है वह भारत के लिए फायदेमंद है। अन्यथा मणिपुर जल्द ही एक नया देश बनने की राह पर था वर्ष २०१४ में सरकार नहीं बनती तो चीन धीरे-धीरे मणिपुर पर कब्जा कर लेता। लेकिन बेहद ही चालाकी से मोदी सरकार ने मणिपुर में मूल भारतीयों को उनका अधिकार दिलाना शुरू किया  यह बात विरोधियों डालो को खल गई

पिछले ७० सालों से मणिपुर पर कांग्रेस का कब्जा था अपने हाथ से मणिपुर जाने के बाद तथा क्रिश्चियन मिशनरीज का काम रुकवाने से नाराज सभी विरोधी दल मणिपुर हिंसा को लेकर मोदी सरकार की बदनामी कर रहे हैं। यह नहीं जानते कि मणिपुर की हिंसा भारत के लिए बहुत ज्यादा आवश्यक है यह पोस्ट को अच्छी तरह से पढ़े और आगे जरूर फॉरवर्ड करें ताकि लोगों को मालूम पड़ेगी मणिपुर की असली वजह क्या है और कौन गद्दार दल, मीडिया, पत्रकार मिलकर भारत देश के खिलाफ में सक्रिय है।
अब कांग्रेस के युवराज सोनिया के निर्देश पर क्रिश्चियन को  बचाने  वहा दौरा कर रहे है।

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